पारंपरिक स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) या मेडिक्लेम पॉलिसियों में क्लेम प्राप्त करने के लिए मरीज का अस्पताल में कम से कम 24 घंटे लगातार भर्ती (Hospitalized) रहना अनिवार्य होता है। परंतु वर्तमान में उन्नत चिकित्सा तकनीकों, लेजर सर्जरी, लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी के कारण कई गंभीर व आवश्यक ऑपरेशन कुछ ही घंटों में सफलतापूर्वक संपन्न हो जाते हैं और मरीज को उसी दिन छुट्टी दे दी जाती है।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की Health Shield (Plan No. 907) एक आधुनिक फिक्स्ड-बेनिफिट स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो इस आधुनिक चिकित्सा पद्धति को ध्यान में रखते हुए डे केयर प्रोसीजर बेनिफिट (Day Care Procedure Benefit – DCPB) प्रदान करती है।
इस योजना के आधिकारिक परिपत्र (Annexure-8) के तहत कुल 243 विशिष्ट सर्जिकल एवं चिकित्सीय प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध किया गया है। यदि बीमित व्यक्ति इनमें से किसी भी प्रक्रिया से गुजरता है, तो उसे अस्पताल में 24 घंटे भर्ती रहने की कोई आवश्यकता नहीं होती—इलाज होते ही पॉलिसी के तहत निर्धारित एकमुश्त वित्तीय लाभ सीधे बैंक खाते में दे दिया जाता है।
LIC Health Shield में डे केयर प्रोसीजर बेनिफिट (DCPB) के मुख्य नियम एवं पे-आउट:
- एकमुश्त 5 गुना भुगतान (5 × ADB): प्रत्येक पात्र डे-केयर प्रक्रिया के लिए आपके लागू दैनिक लाभ (Applicable Daily Benefit – ADB) का ठीक 5 गुना एकमुश्त देय होता है।
- उदाहरण: यदि आपका ADB ₹5,000 प्रतिदिन है, तो अस्पताल का बिल चाहे ₹10,000 आया हो या ₹40,000, LIC द्वारा सीधे ₹25,000 का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
- वार्षिक प्रक्रिया सीमा: एक पॉलिसी वर्ष के दौरान प्रति बीमित सदस्य अधिकतम 3 अलग-अलग डे-केयर प्रक्रियाओं का लाभ मान्य है।
- आजीवन सुरक्षा सीमा: संपूर्ण 15-वर्षीय पॉलिसी अवधि में अधिकतम 30 डे-केयर प्रक्रियाओं (₹5,000 ADB पर कुल ₹7,50,000 तक की सुरक्षा) का क्लेम लिया जा सकता है।
- वास्तविक बिल से आजादी: यह एक फिक्स्ड-बेनिफिट पे-आउट है, इसलिए इसमें अस्पताल के विस्तृत खर्चों की कटौती या डिडक्टिबल्स (Deductibles) का झंझट नहीं होता।
नीचे भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा अनुमोदित सभी 243 डे केयर प्रोसीजर्स की शारीरिक प्रणालियों (Organ Systems) के अनुसार वर्गीकृत सूची एवं उनसे संबंधित बीमारियों का विवरण दिया गया है:
2. फिक्स्ड 5× पे-आउट: अस्पताल के वास्तविक बिल से इतर सीधे आपके लागू दैनिक लाभ (ADB) का ठीक 5 गुना एकमुश्त देय होता है (उदा. ₹5,000 ADB पर ₹25,000)।
3. वार्षिक एवं आजीवन सीमाएं: प्रति पॉलिसी वर्ष अधिकतम 3 डे केयर क्लेम तथा संपूर्ण 15-वर्षीय पॉलिसी में कुल अधिकतम 30 प्रक्रियाएं मान्य हैं।
4. HCB संयोजन: सामान्य डे केयर सर्जरी में अलग से हॉस्पिटल कैश बेनिफिट (HCB) नहीं जुड़ता, परंतु हीमोडायलिसिस और रेडियोथेरेपी सत्रों पर HCB का दैनिक लाभ भी नियमानुसार साथ में देय होता है।
For any confusion or to know full details, see the details on the official website of LIC of India.